Earth Sanskriti
सृष्ट्याब्द सृ. 3.5.1 972 949 126. [1.8.2026]
** कृणवन्तु विश्वमार्यम्!
संसार के समृद्ध सुसंस्कृत बनायीं!!
LeT da worlD bi KalcarD & Weldee!!
> भारत से जाती आधारित आरक्षण पूर्णतया
हटाईं!!!
LeT As mek Indiaa free from aol sorTs aof rizarvesons!
आरक्षण जनहित में खाली महिला के आ आर्थिक रूप से गरीब के चाहीं!
आर्थिक रूप से गरीब ऊ, "जेकर प्रतिव्यक्ति आय, भारत के सामान्य प्रतिव्यक्ति आय से 80% से कम हो पिछला वर्ष"!
भारत सरकार के एह आरक्षण विषय प गंभीरता से विचार कइल चाहीं जे से भारत के लोगन में जाति आधारित विभेद जड़ मूल से खतम हो जाय!
टिप्पणी:
ई जानी कि जन्म आधारित हर तरह के जाति पाती आधारित आरक्षण पूर्णतया हटाईं. बाकिर गीता आ वेद निहित वर्ण व्यवस्था, जे पूरा मानव समाज के सर्वांगीण उन्नति के चाभी सीढ़ी ह, ओह सनातनी व्यवस्था प आँच ना आवे के चाहीं! वर्ण व्यवस्था प अधिक जाने खातिर "यथार्थ गीता" पढ़ीं, जे ऊँच नीच, धन दौलत आदि से ऊपर के बात ह!!
भारत सरकार से निवेदन बा एह विषय प गंभीरता से विचार करे के, जे से भारतीय समाज से जाती जाती के बीच विभेद के समूल नाश हो.
Arth संस्कृति 1.8.2026.
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